लेप्टोस्पायरोसिस: लक्षण, कारण और रोकथाम
लेप्टोस्पायरोसिस के लक्षण
लेप्टोस्पायरोसिस के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 2 से 26 दिनों के बाद दिखाई देते हैं और इनमें शामिल हैं:
• अचानक तेज़ बुखार।
• गंभीर और लगातार सिरदर्द।
• दर्द खास तौर पर पैरों और पंजों में।
• आँखों का लाल होना और दर्द होना।
• ठंड और कंपकंपी महसूस होना।
• पेट में दर्द, उल्टी और मतली।
• दस्त।
• कुछ मामलों में त्वचा और आँखों का पीला पड़ना (पीलिया)।
• गले में दर्द।
• त्वचा पर चकत्ते या दाने।
लेप्टोस्पायरोसिस के कारण
लेप्टोस्पायरोसिस का मुख्य कारण लेप्टोस्पाइरा बैक्टीरिया है, जो दूषित पानी, मिट्टी या संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से फैलता है। लेप्टोस्पायरोसिस निम्नलिखित कारणों से हो सकता है।
• गंदे एवं संदूषित पानी के संपर्क में आना या उसका सेवन करना।
• संक्रमित जानवरों, विशेष रूप से चूहों, कुत्तों, गायों और सूअरों के मूत्र या रक्त के संपर्क में आना।
• कट या खुले घावों के माध्यम से शरीर में बैक्टीरिया का प्रवेश।
• अस्वास्थ्यकर वातावरण में रहना या काम करना।
लेप्टोस्पायरोसिस को रोकने के उपाय
1. साफ-सफाई का ध्यान रखें
- स्वच्छ और सुरक्षित पानी पिएँ। दूषित पानी से बचें और यदि संभव हो तो उबला हुआ पानी पिएँ।
- अपने आस-पास की जगह को साफ रखें, खासकर उन जगहों पर जहाँ पानी जमा हो सकता है।
2. संक्रमित जानवरों से दूरी बनाए रखें
- संक्रमित जानवरों के संपर्क से बचें और यदि आवश्यक हो तो दस्ताने पहनें।
3. सुरक्षित भोजन खाएं
- ताजा और पौष्टिक भोजन खाएं। खाने से पहले सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धो लें।
4. कट या खुले घावों की देखभाल करें
- कट या खुले घावों को साफ रखें और उन पर पट्टी बांधें ताकि वे दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क में न आएं।
5. व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण का उपयोग करें
- गंदे या दूषित क्षेत्रों में काम करते समय रबर के दस्ताने, जूते और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
6. टीकाकरण
- लेप्टोस्पायरोसिस के विरुद्ध टीकाकरण कुछ क्षेत्रों में उपलब्ध हो सकता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करते हैं।
लेप्टोस्पायरोसिस का उपचार
लेप्टोस्पायरोसिस का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है। डॉक्टर द्वारा बताई गई एंटीबायोटिक दवाओं को समय पर और पूरी खुराक में लेना बहुत ज़रूरी है। इसके साथ ही मरीज़ को पर्याप्त आराम और पौष्टिक आहार की भी ज़रूरत होती है।
• डॉक्टर द्वारा निर्धारित एंटीबायोटिक्स लें, जैसे डॉक्सीसाइक्लिन या पेनिसिलिन।
• शरीर में पानी की पूर्ति के लिए खूब सारा पानी और तरल पदार्थ पिएं।
• पर्याप्त आराम करें और शरीर को आराम दें ताकि वह संक्रमण से लड़ सके।
निष्कर्ष
आपके स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना करता हूँ
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